child height

बच्चों की लंबाई : कैसे बढ़ाएँ?

बच्चे की लंबाई मुख्य रूप से आनुवंशिक (Genetic) कारकों पर निर्भर करती है, जिनका योगदान लगभग 60–80% तक होता है। इसके अतिरिक्त पोषण, नींद, शारीरिक गतिविधि तथा बचपन के दौरान समग्र स्वास्थ्य भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोई जादुई दवा, विशेष दूध, हेल्थ ड्रिंक या व्यायाम ऐसा नहीं है जो बच्चे को उसकी आनुवंशिक क्षमता से अधिक लंबा बना सके। लेकिन जन्म से किशोरावस्था तक उचित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली बच्चे को उसकी अधिकतम संभावित लंबाई प्राप्त करने में अवश्य सहायता कर सकती है।

डॉक्टर से कब सलाह लें?

यदि:

– बच्चे की लंबाई लगातार 3rd Percentile से नीचे हो।

– वृद्धि की गति अचानक कम हो जाए।

– बच्चा अपने हमउम्र बच्चों की तुलना में काफी छोटा दिखाई दे।

– 2 वर्ष की आयु के बाद 6 माह तक लंबाई में कोई वृद्धि न हो।

– जल्दी या बहुत देर से यौवनावस्था (Puberty) के लक्षण दिखाई दें।

– परिवार में वृद्धि संबंधी विकारों का इतिहास हो।

महँगे “Height Increasing” उत्पादों के झाँसे में आने के बजाय वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्यों पर ध्यान देना अधिक उचित है। आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

आवश्यक जाँचें

– Bone Age X-ray (कलाई) – Growth Hormone Test – Thyroid Function Test – Complete Blood Count (CBC) – Vitamin D Test

वास्तव में लंबाई किन बातों पर निर्भर करती है?

लंबाई का विज्ञान

  1. आनुवंशिक कारक (60–80%)

– माता-पिता की लंबाई सबसे बड़ा निर्धारक कारक होती है।

– परिवार के अन्य सदस्यों की लंबाई का भी प्रभाव पड़ता है।

– इन कारकों को बदला नहीं जा सकता।

  1. पर्यावरणीय कारक (20–40%)

– पोषण।                   – पर्याप्त नींद

– शारीरिक गतिविधि   – समग्र स्वास्थ्य

– हार्मोनल संतुलन।     – ख़ुशनुमा माहौल 

संभावित वयस्क लंबाई का अनुमान

लड़कों के लिए – (माता की लंबाई + पिता की लंबाई + 13 सेमी) ÷ 2

लड़कियों के लिए – (माता की लंबाई + पिता की लंबाई – 13 सेमी) ÷ 2

यह केवल एक अनुमान है और इसमें लगभग ±10 सेमी तक का अंतर संभव है।

 

लंबाई बढ़ाने से जुड़े सामान्य मिथक और सच्चाई

 

मिथक 1: हॉर्लिक्स, कॉम्प्लान या हेल्थ ड्रिंक बच्चे को लंबा बनाते हैं

सच्चाई – ये उत्पाद कुछ पोषक तत्व प्रदान कर सकते हैं, लेकिन वही पोषण संतुलित घरेलू भोजन से भी प्राप्त किया जा सकता है। इनके विज्ञापन अक्सर अवास्तविक अपेक्षाएँ पैदा करते हैं।

बेहतर उपाय: संतुलित एवं प्राकृतिक आहार पर ध्यान दें।

मिथक 2: अधिक दूध पीने से लंबाई बढ़ती है

सच्चाई- दूध में कैल्शियम और प्रोटीन होते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, लेकिन अत्यधिक दूध पीने से लंबाई नहीं बढ़ती।

छोटे बच्चों में बहुत अधिक दूध अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों के प्रति भूख कम कर सकता है तथा आयरन की कमी का कारण भी बन सकता है।

मिथक 3: लंबाई बढ़ाने वाली दवाएँ या सिरप प्रभावी होते हैं

कभी भी बिना उचित जाँच और चिकित्सकीय सलाह के लंबाई के लिए दवाएँ न दें। 

मिथक 4: लटकने या स्ट्रेचिंग करने से लंबाई बढ़ती है

सच्चाई- स्ट्रेचिंग और लटकने वाले व्यायाम शरीर की मुद्रा (Posture) में सुधार कर सकते हैं, जिससे व्यक्ति कुछ समय के लिए थोड़ा लंबा प्रतीत हो सकता है, लेकिन ये हड्डियों की वास्तविक वृद्धि नहीं करते। ग्रोथ प्लेट्स बंद हो जाने के बाद कोई भी व्यायाम लंबाई नहीं बढ़ा सकता।

बेहतर उपाय: नियमित खेल-कूद और शारीरिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करें।

मिथक 5: यौवनावस्था (Puberty) के बाद लंबाई बढ़ना बंद हो जाती है

सच्चाई- यौवनावस्था के दौरान तीव्र वृद्धि होती है और उसके बाद भी हड्डियों की ग्रोथ प्लेट्स बंद होने तक लंबाई बढ़ती रहती है।

अधिकांश लोगों में वृद्धि देर किशोरावस्था तक जारी रहती है, जबकि कुछ मामलों में 21–22 वर्ष की आयु तक भी थोड़ी वृद्धि संभव हो सकती है।

बच्चे अपनी अधिकतम संभावित लंबाई कैसे प्राप्त कर सकते हैं?

 

  1. जन्म से उचित पोषण

0–6 माह

– केवल माँ का दूध या फॉर्मूला दूध

– समय से पहले ठोस आहार न शुरू करें

6–12 माह

– स्तनपान या फॉर्मूला जारी रखें.                  – आयरन युक्त भोजन दें

– कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें     – विविध आहार दें

1–5 वर्ष

– संतुलित भोजन               – पर्याप्त प्रोटीन

– कैल्शियम युक्त आहार.   – जंक फूड सीमित करें

5–12 वर्ष

– तीन संतुलित भोजन एवं दो स्वस्थ स्नैक्स.   – प्रत्येक भोजन में प्रोटीन

– प्रतिदिन फल एवं सब्जियाँ    – प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थ कम करें

  1. पर्याप्त नींद सुनिश्चित करें

नींद के दौरान, विशेषकर गहरी नींद में, Growth Hormone का स्राव अधिक होता है। इसलिए पर्याप्त नींद बच्चों की वृद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक है।

आयु| अनुशंसित नींद

0–3 माह| 14–17 घंटे

4–12 माह| 12–16 घंटे

1–2 वर्ष| 11–14 घंटे

3–5 वर्ष| 10–13 घंटे

6–12 वर्ष| 9–12 घंटे

13–18 वर्ष| 8–10 घंटे

  1. नियमित शारीरिक गतिविधि

लाभ

– Growth Hormone के स्राव को प्रोत्साहित करती है।  – हड्डियों को मजबूत बनाती है।

– भूख बढ़ाती है। – स्वस्थ वजन बनाए रखने में सहायता करती है।

आयु के अनुसार गतिविधियाँ

– छोटे बच्चे: दौड़ना, खेलना, चढ़ना

– स्कूल जाने वाले बच्चे: तैराकी, साइकिलिंग, खेल-कूद

– किशोर: कोई भी पसंदीदा खेल या सुरक्षित प्रशिक्षण

  1. बीमारियों की रोकथाम एवं समय पर उपचार

– टीकाकरण समय पर करवाएँ।  – संक्रमणों का उचित उपचार कराएँ।

– दीर्घकालिक रोगों पर ध्यान दें। – नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाएँ।

बार-बार या लंबे समय तक बीमारी रहने से वृद्धि प्रभावित हो सकती है।

  1. वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारकों से बचाव

– कुपोषण  – लंबे समय तक बीमारी – नींद की कमी – रात में जागना और दिन में सोना – कुछ दवाओं का लंबे समय तक उपयोग (जैसे स्टेरॉयड)

– हार्मोनल विकार – धूम्रपान एवं नशीले पदार्थों का संपर्क – तनावपूर्ण घर या स्कूल का वातावरण

 

भारतीय खाद्य पदार्थ जो स्वस्थ वृद्धि में सहायक हैं

खाद्य पदार्थ| प्रमुख पोषक तत्व

रागी| कैल्शियम, आयरन

दालें| प्रोटीन

अंडे| उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन

दूध, दही एवं पनीर| कैल्शियम, प्रोटीन

हरी पत्तेदार सब्जियाँ| आयरन एवं विटामिन

मेवे एवं बीज| खनिज, प्रोटीन एवं स्वस्थ वसा

मौसमी फल| विटामिन एवं  खनिज 

माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

– केवल लंबाई नहीं, बच्चे के समग्र स्वास्थ्य पर ध्यान दें।

– बच्चे की Growth Trajectory (वृद्धि की निरंतर गति) को देखें।

– बच्चों की लगातार तुलना करने से बचें।

– बच्चे को उसकी लंबाई के लिए शर्मिंदा न करें।

– महँगे सप्लीमेंट्स की बजाय पौष्टिक भोजन में निवेश करें।

– यथार्थवादी अपेक्षाएँ रखें। छोटे कद वाले माता-पिता के बच्चों का कद भी अपेक्षाकृत छोटा हो सकता है।

महँगे “Height Increasing” उत्पादों के झाँसे में आने के बजाय वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित तथ्यों पर ध्यान देना अधिक उचित है। आवश्यकता होने पर चिकित्सकीय परामर्श अवश्य लें।

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